माँ बनने का सपना हर महिला का होता है। क्योंकि बच्चे न सिर्फ परिवार को पूरा करते है बल्कि पूरे घर को खुशियों से भी  भर देते हैं।लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ दंपत्ति ऐसे होते हैं। जो काफी प्रयास के बाद भी प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में असक्षम होते हैं और इसी वजह से काफी भावनात्मक अस्थिरता, चिंता से गुज़र रहे होते  हैं।

आप निराश न हो, क्योकि अब एडवांस्ड  मेडिकल साइंस की मदद से ज़्यादातर दंपत्ति अपने मातृत्व के सपने को साकार कर सकते हैं, बस जर्रूरत है सही सलाह और बेस्ट ट्रीटमेंट की।

) कोई भी दंपत्ति जो ३२ वर्ष की आयु से कम हैं और १ वर्ष से गर्भधारण का प्रयास कर रहे हैं

) ३२ वर्ष से अधिक आयु और ६ महीने से गर्भधारण का प्रयास करने के बाद भी असक्षम रहे –

ऐसे दम्पत्तियों क लिए ज़रूरी है , निसंतानता विशेषज्ञ ( इनफर्टिलिटी एक्सपर्ट ) से परामर्श करना ।

आईवीएफ निसंतान दंपतियों के  लिए वरदान से कम नहीं है, परन्तु अधिकांशत विशेषज्ञों की अनुपलब्धता, सही सलाह और अच्छे  आईवीएफ सेंटर की की कमी के  कारण अधिकांश निसंतान दंपतियों के लिए उपचार लेना मुश्किल या असुविधाजनक हो सकता है –  इसलिए  निःसंतानता इलाज शुरू करने में सबसे पहला कदम है  बेस्ट इनफर्टिलिटी एक्सपर्ट टीम और बेस्ट आईवीएफ सेंटर का चयन।

कैसे करे बेस्ट आईवीएफ सेंटर का चयन ?

१) विशेषज्ञों की टीम : आईवीएफ तकनीक को लेकर हमारे समाज में जानकारी  के अभाव के कारन अनेक मिथक व्याप्त है, जैसे   आईवीएफ एक दर्दनाक प्रक्रिया है, आवीएफ की मदद से उत्पन्न शिशुओं में जन्म दोष होते हैं, ऐसे सब सवालो के सही जवाब और आपके इलाज को लेकर सही सुझाव देने के  लिए ज़रूरी है की आप कुशल और अनुभवी निसंतानता विशेषज्ञ से परामर्श ले क्योकि सही जांच, पारदर्शिता पूर्ण इलाज़ और  सहि प्रक्रियाओं का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल कर आईवीएफ के परिणामो को सुधारा जा सकता है।

 2 ) आधारिक संरचना : आईवीएफ एक साधारण उपचार नहीं होता, इसकी  सफलता कई चीज़ों पर निर्भर करती है,  इसमें बेहतर क्वालिटी के इंजेक्शन ( अंडे प्राप्त करने के लिए ) सुरक्षित तकनीक (भ्रूण स्थानांतरित करने के  लिए), संशोधित प्रयोगशाला ( state of the art technology )  कुशल भ्रूण विज्ञानी, उत्तम उपकरणों की उपलब्धता तापमान की अच्छी निगरानी, आवश्यक संक्रमण रहित अपनायी जाने वाली सावधानियां, ये सब अच्छे भ्रूण निर्माण में मदद करते हैं ।

3)  आईवीएफ सेंटर का सफलता दर: ऐसे कई कारक है जो अंततः आईवीएफ की सफलता तय करते हैं जैसे

१) उम्र : कम उम्र के साथ अच्छी ओवेरियन क्षमता, गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब  विकृतियों की कमी, गुणवत्ता युक्त वीर्य

) महिला  व पुरुष के स्वास्थय की वर्तमान स्थिति।

) परिचारक की अत्याधुनिक विशेषज्ञता, नैदानिक कार्य में अव्वलता आदि।

इन सब कारको की उत्कृष्टता से ही आईवीएफ की सफलता निर्धारित होती है इसलिए आईवीएफ सेंटर  का औसत सफलता दर  इलाज शुरू करने  से  पहले देख ले क्योकि ये उसकी अव्वलता और उत्कृष्टता का प्रतिबिम्ब प्रस्तुत करता है।

निष्कर्ष  : हम समझते है की निराशा से लेकर माँ बनने तक का सफर बहुत भावनात्मक और अनिश्चितताओ से परिपपूर्ण होता है – इसिलिए इस सफर के हर पड़ाव पर सही जानकारी और विशेषज्ञों द्वारा सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है।